फफूंद से बचाव का पूर्ण समाधान
आधुनिक कृषि के समय में फसल को फफूंद वाली बिमारियों से बचाना मतलब उन्हें पोषण (noushiment) देना। फफूंद वाली बीमारियाँ सिर्फ पैदावार को ही कम नहीं करती बल्कि उसकी गुणवत्ता, विक्रय मूल्य और भण्डारण के समय को भी कम करती है। जो किसान फफूंद वाली बीमारियों के लिए एक टिकाऊ और अच्छे समाधान की तलाश में है उनके किये टाइटन एग्रीटेक लिमिटेड लाया है azoxystrobin 18.2% + difenoconazole 11.4% Sc। यह कॉम्बिनेशन पुरे देश में बड़े पैमाने पर और ज्यादातर किसानो द्वारा इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि इसका दोहरा वार और मजबूत उपचारात्मक और निवारक नियंत्रण बहुत ही असरदार है।
DIZOXY (Azoxystrobin 18.2% + Difenoconazole 11.4% SC) क्या है?
यह एक असरदार फफूंदनाशक है जिसको दो ताकतवर दवाओं को मिलकर बनाया गया है जो है एज़ोक्सीस्ट्रोबिन और डिफेनोकोनाज़ोल।
एज़ोक्सीस्ट्रोबिन फंगस के शरीर में ऊर्जा बनने की प्रक्रिया को रोकता है जिससे फफूंद बढ़ नहीं पाती और उसकी मृत्यु हो जाती है।
डिफेनोकोनाज़ोल फफूंद की बाहरी झिल्ली को बनने से रोकता है जिस वजह से फफूंद कमजोर पढ जाता है और धीरे धीरे ख़तम हो जाता है।
इन दोनों दवाओं को मिलकर बनाई गयी यह फफूंदनाशक कई तरह की फफूंद जनित बिमारिओ से एक साथ लड़ सकता है।
यह दवा SC (सस्पेंशन कंसंट्रेट) फॉर्म में होती है जिसको यह पानी में अछि तरह से घोला जा सकता है और यह पोधो की पत्तियों पर बराबर फैल जाती है। इसका असर लंबे समय तक रहता है और पौधों को सुरक्षित रखता है।
यह काम कैसे करता है?
बिमारियों से बचाव: Azoxystrobin फफूंद वाली बीमारियों को जर्मिनटे और फैलने से रोकता है यह फफूंद की कोशिका के माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) में रेस्पिरेशन को रोकता है। इसकी वजह से स्पोर्स जर्मिनेट नहीं कर पाते और फंगस पौधे को बीमार नहीं कर पाता।
बीमारी का इलाज: Difenoconazole पहले से हो रहे इन्फेक्शन से पौधे को बचाता है। यह पौधे के ऊतक (tissue) में घुसके फफूंद को बढ़ने से रोकता है। Difenoconazole फफूंद की कोशिका की झिल्ली में सिंथेसिस को रोक कर रखता है जिससे फफूंद और नहीं बढ़ पाता और धीरे-धीरे ख़तम हो जाता है।
इसका दोहरा वार सुनिश्चित करता है की फसल का केवल फफूंद वाली बीमारियों से बचाव ही नहीं उसका उपचार भी किया जाये जिससे पहले से लगी हुई फफूंद का भी सफाया किया जा सके। इसका ट्रांस्लामिनार मूवमेंट यह भी सुनिश्चित करता है की फफूंदनाशी से पत्ती का दोनों तरफ से उपचार और बचाव हो। और यह वर्षारोधक (rainfast) तकनीक के साथ आता है जिससे की इसका असर बारिश के बाद भी बना रहता है।
Azoxystrobin 18.2% + Difenoconazole 11.4% SC को इस्तेमाल करने के फायदे
ब्रॉड-स्पेक्ट्रम नियंत्रण (Broad-Spectrum Control): Dizoxy के इस्तेमाल से प्रारंभिक और अंतिम चरण की फफूंद वाली बिमारिओ का इलाज किया जा सकता है।
दोहरा वार (Dual Mode of Action): यह फफूंद वाली बिमारिओ के लिए दोनों काम करता है उसको बीमारी से बचाता भी है और उसका इलाज भी करता है।
लम्बे समय तक असरदार: Dizoxy लम्बे समय तक अपना असर बना के रखता है जिससे सारे कीटों को नस्ट किया जा सके।
वर्षा स्थिरता (Rainfastness): Dizoxy को एक बार लगाने के बाद यह वर्षा आने पर भी नहीं हटता और अपना प्रभाव बना कर रखता है।
फसल की वृद्धि (Improves plant health): यह प्रकाश संस्लेशड को बढ़ावा देता है और पौधे को हरा भरा बनता है और इसकी गुडवत्ता में सुधार करता है।
प्रणालीगत और ट्रांसलामिनर गति (Systemic & Translaminar Movement): इसको पौधे पर छिड़कने के बाद यह पौधे के टिस्सु में प्रसारित होता है जिससे अच्छी कवरेज मिलती है और पौधे की पूरी तरह से सुरक्षा होती है।
कम दवा में ज्यादा असर (Low Dose, High Efficacy): इसकी मात्रा बाकि कीटनाशको के मुकाबले बहुत कम लगती है जो की किसान का पैसा बचाती है।
अच्छी उपज (Better yield): फफूंद वाली बिमारिओ से फसल को बचाके नुकसान को कम करता है और अच्छी उपज देता है।
किन फसलों में इसका इस्तेमाल करना चाहिए?
इस कवकनाशी को कई फसलों, खास तौर पर उच्च मूल्य वाली बागवानी और खेत की फसलों के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाता है। यह मिर्च, टमाटर, धान, मक्का, गेहूँ, कपास, हल्दी, प्याज, गन्ना जैसी फसलों मैं इस्तेमाल किया जाता है।
बीमारियां जिनमे इसका उपयोग किया जाता है
इसका उपयोग सभी तरह की फफूंद वाली बीमारीओं में किया जाता है जैसे की एन्थ्रेक्नोज़, चूर्णिल आसिता (powdery mildew), प्रारंभिक झुलसा (Early blight), देर से झुलसा (Late Blight), झुलसा रोग (blast), शीथ ब्लाइट, डाउनी मिल्ड्यू, रतुआ (Rust), पत्ती धब्बा (Leaf spot), ग्रे मिल्ड्यू, पत्ती झुलसा (leaf blotch), गांठ सड़न (Rhizome Rot), बैंगनी धब्बा (Purple Blotch), स्मट।
खुराक और अनुप्रयोग
इसको इस्तेमाल करने के लिए 1 ml प्रति लीटर पानी में मिलाकर पौधे पर स्प्रे करें।
निष्कर्ष
एज़ोक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डिफेनोकोनाज़ोल 11.4% एससी एक शक्तिशाली और विश्वसनीय कवकनाशी संयोजन है जो किसानों को अपनी फसलों को कई तरह के फंगल रोगों से बचाने में मदद करता है। इसका दोहरा-क्रिया सूत्र रोकथाम और उपचार दोनों सुनिश्चित करता है, साथ ही पौधे की शक्ति और उपज में भी सुधार करता है। चाहे आप बागवानी करने वाले हों या खेत की फसल उगाने वाले, यह कवकनाशी स्वस्थ और रोग मुक्त फसलों के लिए एक व्यावहारिक, किफायती और प्रभावी समाधान प्रदान करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
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DIZOXY क्या है?
Azoxystrobin और Difenoconazole शामिल हैं। यह फसलों को फंगल बीमारियों से बचाने और उनका इलाज करने दोनों में प्रभावी है।
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DIZOXY कैसे काम करता है?
Azoxystrobin फंगस की कोशिकाओं में माइटोकॉन्ड्रिया को प्रभावित कर उसके जीवनचक्र को रोकता है। Difenoconazole फफूंद की कोशिका की झिल्ली में सिंथेसिस को रोक कर रखता है और पहले से हो रहे इन्फेक्शन से पौधे को बचाता है।
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इसका मुख्य लाभ क्या है?
- Difenoconazole फंगस की झिल्ली निर्माण प्रक्रिया को रोकता है जिससे वह आगे नहीं बढ़ पाता।
- इसका ट्रांसलामिनर मूवमेंट और प्रणालीगत प्रभाव इसे और प्रभावी बनाता है।
- फसल को फंगल रोगों से बचाव और उपचार दोनों
- लंबी अवधि तक असर
- वर्षा के बाद भी प्रभावी
- फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार
- कम मात्रा में अधिक प्रभाव
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इसे किन फसलों में उपयोग किया जा सकता है?
DIZOXY का उपयोग मिर्च, टमाटर, धान, मक्का, गेहूं, कपास, हल्दी, प्याज़, गन्ना आदि फसलों में किया जा सकता है।
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किन बीमारियों में DIZOXY प्रभावी है?
यह एन्थ्रेक्नोज़, पाउडरी मिल्ड्यू, अर्ली ब्लाइट, लेट ब्लाइट, रस्ट, लीफ स्पॉट, ब्लास्ट, स्मट, डाउनी मिल्ड्यू, पर्पल ब्लॉच, लीफ ब्लॉच जैसी कई बीमारियों को नियंत्रित करता है।
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DIZOXY को कैसे और कितनी मात्रा में उपयोग करें?
1 ml DIZOXY को 1 लीटर पानी में मिलाकर फसल पर स्प्रे करें। स्प्रे सुबह या शाम को करना बेहतर होता है।