खेती करने वाले किसान भाईयों के लिए सबसे पहली चुनौती होती है कि बीज अच्छे से उगे या नहीं। कई बार बीज महंगा होता है लेकिन खेत में बोने के बाद ठीक से अंकुर नहीं निकलते। यही वजह है कि खेती में Gibberellic Acid का नाम काफी सुनाई देता है। यह एक तरह का पौध हार्मोन है जो बीज के अंदर छिपी हुई शक्ति को बाहर निकाल देता है। बीज जल्दी टूट कर अंकुर बनाता है और पौधा तेजी से बढ़ता है।
Gibberellic Acid क्या करता है
Gibberellic Acid असल में बीज को सुप्तावस्था से निकलता है। बीज के अंदर जो स्टार्च पड़ा होता है उसको शुगर में बदलने का काम करता है ताकि अंकुर को तुरन्त energy मिले। इससे पौधा जल्दी और बराबर निकल आता है। यही नहीं, पौधे की लंबाई, पत्तियों का फैलाव और फल बनने की प्रक्रिया भी तेज हो जाती है।
जब पौधा तेजी से बढ़ेगा तो बाद में उसकी फसल भी अच्छी मिलेगी। धान, गेहूं, मक्का जैसी फसलों में बालियाँ ज्यादा दाने देती है और फल वाली फसलों में फल का गिरना कम हो जाता है।
अंकुरण पर असर
अगर बीज पुराना हो या नमी के कारण कमजोर हो गया हो तो Gibberellic Acid उसमे दोबारा जान डाल देता है। बीज जल्दी अंकुरित होते है और खेत में पौधे बराबर लाइन में निकलते है। जब शुरुआत अच्छी हो जाती है तो आगे की फसल संभालना भी आसान लगता है।
उपज पर असर
Gibberellic Acid पौधे को लम्बा तो करता ही है, साथ ही फल और दाने ज्यादा और अच्छे आकार के बनते है। धान में ज्यादा टिलर निकलते है, अंगूर में फल का आकार अच्छा होता है, टमाटर और मिर्च में फूल गिरना कम हो जाता है। कुल मिलाकर यह हार्मोन फसल को ज्यादा उत्पादन की तरफ ले जाता है।
हमारे प्रोडक्ट्स
किसानों के लिए हमारी कंपनी के पास दो अच्छे प्रोडक्ट है
- ZYBGRO (Gibberellic Acid 0.001% L)
यह liquid फार्म में है। इसका इस्तेमाल करना आसान है, बस पानी में मिलाकर छिड़काव करना है. - PEP-GIBB 40 (Gibberellic Acid 40% WSG)
यह ग्रैनुलर फार्म में आता है। इसमें Gibberellic Acid की मात्रा अधिक है इस लिए इसको कम मात्रा में उपयोग किया जाता है।
ZYBGRO का इस्तेमाल
इसको किसान भाई 0.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी में डालकर फसल पर छिड़काव कर सकते है. धान में टिलरिंग के समय या सब्जियों में फूल आने से पहले स्प्रे करने पर अच्छे रिजल्ट दिखते है।
PEP-GIBB 40 का इस्तेमाल
अगर आपको दस ppm घोल बनाना है सौ लीटर पानी में, तो लगभग 2.5 ग्राम पाउडर डालना पड़ेगा। यह अंगूर, टमाटर, मिर्च और नर्सरी में सबसे ज्यादा काम आता है।
| फसल | समय | मात्रा | असर |
| धान | टिलरिंग की शुरुआत | ZYBGRO: 70 ml/acre | ज्यादा टिलर और ज्यादा दाने |
| अंगूर | फूल आने से पहले | PEP-GIBB 40: 20 ml/acre | फल का सेट और आकार अच्छा |
| टमाटर | रोपाई से पहले डिप | PEP-GIBB 40: 2.5 g प्रति 100 L | पौधा जल्दी बढ़ता है |
| कपास | पहला स्प्रे बुबाई के 40-50 दिन बाद दूसरा स्प्रे बोल बनने के समय | ZYBGRO: 70 ml/acre | बड़ी बॉल और लम्बा फाइबर |
सावधानियाँ
- यह खाद नहीं है, सिर्फ पौधे को संकेत देने वाला हार्मोन है, इसलिए खाद पानी बराबर देना ही पड़ेगा।
- तेज धूप और तेज हवा में छिड़काव न करें।
- फूल आने के ज्यादा समय बाद डालने से फायदा कम होगा।
- दवाई या खाद के साथ मिलाने से पहले जार टेस्ट जरूर करें।
निष्कर्ष
अगर किसान भाई सही समय और सही मात्रा में Gibberellic Acid का इस्तेमाल करते है तो बीज जल्दी अंकुरित होते है, पौधा बराबर बढ़ता है और फसल की उपज भी अच्छी होती है।
ZYBGRO (Gibberellic Acid 0.001% L) आसान उपयोग के लिए अच्छा है और PEP-GIBB 40 (Gibberellic Acid 40% WSG) तब काम आता है जब सटीक ppm घोल चाहिए। यह दोनों खेती को और मजबूत बना सकते है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. क्या Gibberellic Acid खाद की तरह काम करता है?
नहीं, ये कोई खाद नही है। ये बस पौधे को एक तरह का सिगनल देता है जिससे वो जल्दी अंकुरित हो और तेजी से बढ़े।
Q2. बीज अगर पुराना है तो क्या Gibberellic Acid काम करेगा?
हाँ, पुराना और कमजोर बीज में भी ये जान डाल देता है। बीज जल्दी टूट के अंकुर निकलता है और पौधा बराबर लाइन में आता है।
Q3. ZYBGRO और PEP-GIBB 40 में क्या फर्क है?
ZYBGRO liquid फार्म में है और कम concentration में आता है, इसको बस पानी में घोलकर spray करना होता है।
PEP-GIBB 40 granular फार्म में है, इसमें Gibberellic Acid ज्यादा है इसलिए कम मात्रा में डालना पड़ता है।
Q4.क्या इसको किसी और pesticide या fertilizer के साथ मिला सकते है?
हाँ, मिला सकते है लेकिन पहले एक छोटे बर्तन में jar test करना जरूरी है।
Q5. क्या धूप या बारिश में spray कर सकते है?
नही, तेज धूप, हवा या बारिश के टाइम spray नही करना चाहिए। सुबह या शाम का time सही रहता है।
Q6. अगर ज्यादा मात्रा में डाल दे तो क्या होगा?
ज्यादा डालने से फायदा नही होता उल्टा नुकसान भी हो सकता है। पौधे का balance बिगड़ जाता है और फूल गिरने लगते है।